Sunday 18 January 2009


मन मेरे को बावरे , करतें हैं बेचैन !

मदिरा के प्याले भरे मीत तुम्हारे नैन !

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तेरे नैनों की तरह , मिली न कहीं शराब !

हमने इसी तलाश में जीवन किया खराब !
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मादक नयनो से तेरे चख ली थी एक बार
उम्र हुई पर आज तक उतरा नहीं खुमार !

Saturday 3 January 2009

तुम्हे कसम है ......

तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
मै तारे तोड़ के लाऊंगा तुम्हारी खातिर ... ये कायनात सजाऊंगा तुम्हारी खातिर .....
मै तुमसे दूर हूँ ये वक्त की मजबूरी है.... वरना, दिल से हमारे बीच कहाँ दूरी है .....
जो बुझ सके मेरे बिन ऐसी प्यास मत होना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
मै जानता हूँ मेरी उम्र मेरे साथ नहीं ... ब-खुदा उम्र के बढ़ने में मेरा हाथ नहीं
मै चाहता हूँ हमेशा तुम्हारे साथ रहूँ ... हरेक सुख, हरेक दुःख तुम्हारे साथ सहूँ .....
जो डगमगाने लगे ...ऐसी प्यास मत होना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
तुम्हारे चेहरे पे मुस्कान अच्छी लगती है ...प्यार की छोटी सी पहचान अच्छी लगती है ......
मुझे तो सबसे मेरी जान ! अच्छी लगती है ....
चहकती भीड़ में एकांतवास मत होना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
सुहानी शाम की उन मदभरी बातों की कसम ... जो तुमने चूम लिए थे उन्हीं हाथों की कसम .....
जो हमने साथ गुजारीं उन्हीं रातों की कसम .....
निराश लोगों के भी आस-पास मत होना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
जो मैंने तुमको लिखे ख़त , वो दुबारा पढ़ना .... खुली आँखों में नए ख्वाब प्यार के गढ़ना .....
वफ़ा के मोड़ की कुछ और ..सीढियां चढ़ना .....
अधूरी चाहतों का कारावास ..मत होना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
भाग्य का देवता भी हमसे रूठ जाए तो क्या ! तुम्हारे सब्र का हर बाँध टूट जाए तो क्या !
किसी भी हाल में होशो-हवास मत खोना !! तुम्हे कसम है मेरी जाँ.... उदास मत होना !!!!!!
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कुछ दोहे

नव गति , नव लय , रूप नव , पावो नव उत्कर्ष !
पूरण हो हर कामना , शुभ शुभ हो नव- वर्ष ! !
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आँखों में जब से घुला , यादों का मकरंद !
कोहरे में उड़ती मिले, बस- तेरी ही गंध !!
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पाला , शीत, कुहास का कोई नही प्रभाव !
बूढी आँखों को खले, बेटा , तिरा अभाव !!
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उन पर भारी बीतती शरद ऋतू की रात !
जिनके सर पर छत नही , हैं अध् -नंगे गात !
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