Sunday 9 October 2011

एक मुक्‍तक

आपने याद हमको किया,  शुक्रिया ।
आपने हमको अपना कहा, शुक्रिया ।
कौन कब साथ देता है किसका यहां
आपने साथ इतना दिया,  शुक्रिया ।

2 comments:

daanish said...

मन के भावों को
बहुत सुन्दर शब्दावली से सँवारा है...
वाह-वा !!

RUBY said...

putla fool kahan se laye gogo?