Monday, 23 January, 2017

अपनी खुशी

हर किसी की होती है अपनी खुशी
बिलकुल निजी
उसकी अपनी खुशी।
ज़रूरी नहीं
कि आप जिन चीजों से खुश हो जाते हों
सामने वाला भी उससे खुश हो
क्योंकि / अलग - अलग होती है
सबके लिए
ख़ुशी की परिभाषा ।
हाँ, अलग होते हुए भी
अगर कोई शामिल होता है आपकी ख़ुशी में
या, समझता है आपकी ख़ुशी को
अपनी ख़ुशी
तो ये बड़ी बात है !
निःसन्देह आप भाग्यशाली हैं
लेकिन, ये हर बार या हमेशा नहीं हो सकता
इसलिए  मत लेना इसे कभी
टेकेन एज़ ग्रांटेड
वरना, ये भी हो सकता है कि
आपकी रही-सही ख़ुशी भी मुरझा जाए !
ये तो आप बख़ूबी जानते ही हैं
ख़ुशी हो या फूल
मुरझा जाए तो फिर से खिलाने में
करनी पड़ती है कड़ी मशक्कत !
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