Sunday, 8 January, 2012

शीत ऋतु की रात

नगर महानगर की चकाचौंध के बीच, सडक के किनारे, रेडलाइट पर, फलाई ओवर के शेड में, पार्क के किनारे कितने नंगे-अधनंगे लोग इस देश की तरक्‍की और विकास पर नाज कर रहे हैं....उनके लिए कुछ न कर पाने का अफसोस  अपनी जगह है-------

                 उन पर भारी बीतती, शीत ऋतु की रात
                 सिर पर जिनके छत नहीं, हैं अधनंगे गात ।।

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