Tuesday, 16 April, 2013

आज की ग़ज़ल---------------------------

भीड़ में खो गए आप भी
अजनबी हो गए आप भी

जी न पाएँगे, तय बात है
छोड़कर जो गए आप भी

जागने की सुनाकर सज़ा
चैन से सो गए आप भी

क्या कहा, प्यार है आपको
फिरतो समझो गए आप भी

फोन करना, न मिलना कभी
ऐसे क्यों हो गए आप भी

फूल आया न कोई भी फल
बीज क्या बो गए आप भी

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